सावनी रामायण का महोत्सव: ग्राम पंचायत तरदा का एक महीने का आयोजन


पूरे एक महीने तक सावनी रामायण आयोजन कर व्यवस्था, चाय, नाश्ता, प्रसाद की भुवन कौशिक परिवार करते अपनी श्रद्धा के अनुसार


सावनी रामायण का आयोजन पारंपरिक रूप से वर्ष के एक निश्चित समय पर शुरू होता है, जब गांव के लोग मिलकर रामायण के पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन करते हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रामायण के आदर्शों और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेना है। पूरे एक महीने तक गांव के हर कोने से भक्ति की ध्वनि गूंजती है, जो कि श्रद्धालुओं के हृदयों में अटूट आस्था का संचार करती है।
गांव वासियों की सहभागिता और सामाजिक समरसता
इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें पूरे ग्राम पंचायत और मोहल्लों के लोग एकजुट होकर भाग लेते हैं। हर परिवार से लोग इस आयोजन में भागीदारी करते हैं, चाहे वह रामायण का पाठ हो, प्रसाद वितरण हो, या फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम। इस आयोजन के दौरान गांव में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारा को विशेष महत्व दिया जाता है। सभी लोग अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ मिलकर इस धार्मिक उत्सव को सफल बनाते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक प्रवचन
सावनी रामायण के आयोजन के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इसमें बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए नाटकों, भजनों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आकर्षण होता है। इसके अलावा, विभिन्न विद्वान और संत भी अपने प्रवचनों के माध्यम से रामायण के गूढ़ रहस्यों और धार्मिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार करते हैं।
*समापन और प्रसाद वितरण*
इस महीने भर चलने वाले आयोजन का समापन एक भव्य समारोह के साथ होता है, जिसमें विशेष पूजा-अर्चना,और प्रसाद वितरण किया जाता है। गाँव के सभी लोग इस आयोजन के अंतिम दिन एक साथ मिलकर भजन-कीर्तन करते हैं और फिर प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस आयोजन के माध्यम से गाँव में धार्मिक आस्था को पुनर्जीवित किया जाता है और सामूहिकता की भावना को प्रबल किया जाता है।
*पूरे गांव के मोहल्ला वासियों उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता*
ग्राम पंचायत तरदा में सावनी रामायण का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गांव के लोगों के बीच आपसी सहयोग, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजन से गांव में शांति, प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनता है, जो कि आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। और इस सावनी रामायण आयोजन समापन समारोह आसपास गांव से रामायण संगीत गायन के लिऐ ग्राम पंचायत तरदा आते है जो रेडियो कार्यक्रम के महासूर गीतकार स्वंम गांव में आकर ग्राम पंचायत तरदा वासियों का मनोबल उत्सव धार्मिक भावनाओं को गीत के माध्यम से अपनी कला प्रस्तुत किया किया
