कॉलेज के नाम पर एडमिशन लेकिन छात्रों को दिया जा रहा है कोचिंग सिम्स में फार्मेसी कोर्स की हुई छात्रा छात्रों को दे रही पैरामेडिकल की शिक्षा..
बिलासपुर ईदगाह चौक में स्थित चैतन्य इंस्टिट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस के नाम से संचालित कोचिंग सेंटर में कॉलेज के नाम पर एडमिशन लेकर कोचिंग कराया जा रहा है। और छात्रों को एमपी से सर्टिफिकेट दिलाने का दावा किया जा रहा है दो कमरे में संचालित कोचिंग सेंटर का एक अपना छोटा सा लैब भी है जहां पर कॉलेज का नाम पर छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा है और कॉलेज भोपाल में होना बताकर छात्रों से लंबी मोटी रकम असूला जा रहा है. लेकिन छात्र इस सब से अनभिज्ञ है की किस कॉलेज से उन्हें डिग्री प्राप्त होगी इसकी भी पूर्ण जानकारी छात्रों को नहीं है,
लेकिन चैतन्य इंस्टीट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल के संचालक द्वारा छात्रों को कॉलेज बता कर काउंसलिंग कर एडमिशन लिया जाता है, और एमपी में सेंटर होना बतया जाता है अगर प्राइवेट से करते हो तो अंबिकापुर में पेपर नहीं तो भोपाल मे पेपर देने जाना होगा, जिसका शुल्क 50 से ₹60 हजार प्रति छात्र वसूला जा रहा है, जिसकी जानकारी प्रदेश सचिव रंजेश सिंह को छात्रों द्वारा दी गई, जानकारी मिलने पर nsui प्रदेश सचिव ने चैतन्य इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंस के संचालक से जानने का प्रयास किया की किस कॉलेज से इन्हें डिग्री मिलेगी और कहां से इसका रजिस्ट्रेशन है जिसकी जानकारी संचालक द्वारा गोल-माल दिया गया, और वह अपने इंस्टिट्यूट से भाग खड़े हुए इसकी भनक मीडिया को लगी मीडिया ने भी जाकर वहां के बच्चों से जानकरी ली तो छात्रों ने मीडिया को बताया कि हमें यहां पर कॉलेज के नाम पर एडमिशन दिया गया है और हमारे से 50 से ₹60000 की फीस ली जाती है और भोपाल से डिग्री देना बताया गया है, छात्रों के शिकयत पर रंजेश सिंह प्रदेश सचिव एनएसयूआई ने चैतन्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल साइंस बिलासपुर ईदगाह चौक स्थित अवैध रूप से संचालित संस्थान पहुंचे हुए थे, उन्होंने संस्थान के डायरेक्टर से बात करने का प्रयास किया लेकिन संस्थान के पास कोई जवाब नहीं था, इसलिए संस्थान के डायरेक्टर सामने आने से बचते रहे जिस पर NSUI के पदाधिकारी एवं वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं 3 घंटे तक धरना प्रदर्शन पर बैठे रहे इसके बावजूद संस्थान के जिम्मेदार वहां आने से बचते रहे और टालमटोल करते रहे बच्चों ने बताया कि चैतन्य इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंस बिलासपुर में उन लोगों ने जो कोर्स करने के लिए प्रवेश लिया है उसे कोर्स की रसीद में कुछ लिखा नहीं गया है बात करने पर आईडी कार्ड में लिखे जाने की बात कही गई थी लेकिन जब आईडी कार्ड बना तो उसमें भी कोर्स का जिक्र नहीं किया गया है बच्चों ने जब प्रवेश के समय पूछा था तो चैतन्य इंस्टीट्यूट अपने आप को महाविद्यालय बता रहा था व परीक्षा अपने मुख्य संस्थान अंबिकापुर में करने की बात कह रहा था और बिलासपुर ब्रांच को फ्रेंचाइजी होने की बात कही गई थी मध्य प्रदेश यूनिवर्सिटी द्वारा रिजल्ट प्रदान करने की बात की जानकारी दी गई,पहले इनको बोला गया था महाविद्यालय एक हफ्ते के भीतर रजिस्ट्रेशन करके इन लोगों को सारे दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही गई थी,लेकिन आज जैसे ही एनएसयूआई के पदाधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने वहां उपस्थित स्टाफ से बात किया तो उन्होंने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि यह महाविद्यालय नहीं है यहां कोचिंग संचालित हो रही है, उनके द्वारा कही गई यह सुनते ही बच्चों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह विरोध करने लगे कि हमें तो महाविद्यालय बात कर प्रवेश दिया गया था क्या यह संस्थान फर्जी है हम डायरेक्ट से बात करना चाहते हैं उन्हें बुलाए जिस पर डायरेक्टर 1 घंटे में आने की बात कही और 3 घंटे इंतजार करने के बाद वहां पहुंचे नहीं जिसे छात्रों को यह स्पष्ट हो गया की गड़बड़ी साफ है अब बच्चों ने मिलकर न्याय और पारदर्शिता हेतु पदाधिकारी के साथ मिलकर न्याय की उम्मीद से अपने आप को इस मुसीबत से निकलने के लिए कल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की बात कही।
जिस पर रंजेश सिंह ने कहा अगर संस्थान सही है तो सामने आए और सर्टिफिकेट दिखाएं मान्यता संबंधित साथ में शपथ पत्र के माध्यम से छात्रों को लिखित रूप में स्टांप के माध्यम से या विश्वास दिलाए कि उनके संस्थान सही है, और वह अंतिम परीक्षा परिणाम के बाद 2 महीने की भीतर सारी सर्टिफिकेट संबंधित दस्तावेज छात्रों को प्रदान करेंगे अन्यथा हम संस्थान की शिकायत कलेक्टर से करने के साथ fir भी दर्ज कराएंगे।
Sanjeev singh Address bhartiya nagar bilaspur 7000103836